सफल व्यक्तियों के द्वारा ऐसा क्या किया जाता है, जो वे लोग सफलता का स्वाद सकते हैं और असफल लोग ऐसा क्या नहीं करते कि उन्हें सफलता नहीं मिलती? यह सवाल गहरा और कठिन मालूम पड़ता है लेकिन इसका जवाब उतना ही सरल है। सफलता सभी के नजरिए से अलग-अलग होती है सफलता केवल एक शब्द या क्षेत्र से संबंधित नहीं है। हर किसी के लिए सफलता के मायने अलग-अलग होते हैं, कोई व्यक्ति आपकी नजर में असफल हो सकता है लेकिन क्या पता उसके लिए उसकी नजरों में सफलता यही हो? तो भी कुछ पैरामीटर तो काम करते ही होंगे कि कोई सफल है और कोई असफल।
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सफल व्यक्ति क्या करते हैं अलग? एक मनोवैज्ञानिक विश्लेषण |
सफलता क्या है?
उन कारणो को जानने से पहले हमें यह जानना चाहिए की सफलता क्या है? हर किसी के लिए सफलता अलग-अलग होती है माना कोई व्यक्ति A है जिसके लिए डॉक्टर बनकर पैसा कमाना सफलता है वही व्यक्ति B के लिए डॉक्टर बनकर सेवा करना सफलता है यहां डॉक्टर बनना सफलता नहीं है बल्कि A के लिए पैसा कमाना और B के लिए सेवा करना सफलता है।
तो इस तरह A बिना डॉक्टर बने किसी और तरीके से भी पैसा कमा सकता है और अपनी नजर में सफल हो सकता है वहीं B बिना डॉक्टर बन भी सेवा कर सकता है दोनों अपनी-अपनी जगह सफल है लेकिन दुनिया की नजर में शायद असफल? तू सफलता क्या है यह जानना सफलता का स्वाद चखने से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। इसलिए सबसे महत्वपूर्ण यह है कि आप अपने लिए सफलता को पहचाने कि आप अपने आप को सफल कब समझते हैं
असफलता क्या है?
असफलता आपको दूसरों के द्वारा देखे जाने का एक विचार हो सकता है जैसा कि हम ऊपर बात कर चुके हैं की सफलता और असफलता सभी के लिए अलग-अलग होती है आपकी नजर में जो सफलता है किसी और की नजर में वह शायद असफलता हो? जो उदाहरण हमने सफलता वाले बिन्दु में किया था उससे असफलता को भी समझने का प्रयास करते है। माना किसी अन्य व्यक्ति C के लिए, A का डाॅक्टर बनना सफलता है। अगर A डाॅक्टर बनता है। तो C उसे सफल कहेगा। वहीं D, A पैसा कमाए तो उसे सफल कहेगा अन्यथा असफल। तो इस तरह असफलता सफलता तक पहुंचने के लिए एक कुंजी की तरह कार्य करती है हर एक असफलता आपको सफलता के सबसे ऊंचे पायदान पर पहुंचने के लिए एक मंच उपलब्ध करवाती है। जितनी बार आप असफल होंगे उतने ही ज्यादा आपकी सफलता आपके नजदीक आती जाएगी
सफल लोग क्या अलग करते हैं?
अगर सच कहा जाए तो सफल लोग कुछ बिंदुओं पर गहनता से काम करते हैं जो असफल व्यक्ति करने में असमर्थ रहते हैं ऐसा नहीं है कि वह कर नहीं सकते लेकिन वह उन बिंदुओं पर थोड़ी सी ढील छोड़ देते हैं। लेकिन हम यहां बात कर रहे हैं की सफल लोग क्या अलग करते हैं देखिए सफल व्यक्ति एक ही रास्ते के ऊपर अपनी पूरी शक्ति, जी जान लगाकर मेहनत करता है, वह उसे काम को करने के लिए अपना 100% देता है साथ ही सफल व्यक्ति निरन्तर कार्य करता है। वह कुछ भी हो जाए अपने काम को प्रतिदिन करता है, जो मेहनत वह कर रहा है, उसे हर दिन करता है। अगर मेरे नजरिये से सफलता का मूल मंत्र कोई है तो वह है निरन्तरता। इसे हम एक उदाहरण से अच्छे से समझ सकते हैं अगर आप एक का वर्ग करते है 365 बार, तो इससे एक ही बनता है लेकिन अगर आप 1.01 का वर्ग 365 बार करते है तो यह 37.5 बनता है। यानि अगर आप थोडा सा 0.1 भी बदलाव अपने आप में करते है और उसे प्रतिदिन करते है तो आप एक साल बाद 1 से 37 तक पहुंच सकते है। सफलता इसी सिद्धांत पर काम करती है आपको निरंतर 0.1 एक काम करना है और 1 वर्ष के बाद आप एक से 37 बन जाओगे। आपने एक दौहा तो सुना ही होगा
करत-करत अभ्यास के जडमति होत सुजान । ।
रसरी आवत-जात ते सिल पर परत निशान।।
बस यही एक सफल व्यक्ति के सफल होने का मंत्र है। इससे अधिक कुछ नही। सफल व्यक्ति कोई दिव्य शक्ति नही है। वह भी साधारण है ठीक आपकी ही तरह, बस अन्तर इतना सा है। की वह सफलता के मूल मंत्र को जानता है। जिसे एक असफल व्यक्ति ठुकरा देता है। और दुनिया की नजर में असफल कहा जाने लगता है।